Monday, September 16, 2013

अधुरी कहानी ( शायद आख़िरी भी )

दो - चार कहानी कविताएँ उस पर लिख कर और उनमे उसके like पाकर सोंचता था उसने उसे पा लिया । यहाँ तक तय कर लिया कि वो नहीं तो कोई नहीं ... पागल था ... पर प्रेम एक प्यास है जितना गहरा प्यार उतनी बड़ी प्यास । मिलन हो या विरह इस प्यास में बस आंसू ही पीने को मिलते । ( बस तुम्हारे इन्तजार में हूँ ... मुझे पता है तुम आओगी एक दिन मेरी कहानी पूरी करने ) । - कौशल 

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