दोपहर थी 5 साल का वसु माँ के हाथ को तकिया बनाये लेटा था । कमरे में वात्सल्य चरम पर था- बेटे में बातचीत का दौर जारी था ... ।
- मम्मा वो उस दिन सब हमारे घर पे क्यों आये थे ?
- पार्टी थी बेटा । वो तुम्हारे डैडी को मैडल मिला इसलिए ।
- मैडल मिलता तो पार्टी होती ?
- हां ( माँ मुस्कुरा कर बोली )
कुछ महीने बाद ***
गुप्ता जी के यहाँ आज बहुत भीड़ थी । मिसेज गुप्ता ने पिछले महीने एक सुन्दर से बच्चे को जन्म दिया । आज उसकी खुशी में दावत थी ... 5 साल का वसु भी बहुत खुश था चहक रहा था । दौड़ भाग मचाये था ... गुप्ता जी के दोस्त उसे पकड़ कर दुलराते हुए बोले - वसु बेटा आपके घर में आज क्या है ... वसु - पार्टी है .. मेरी मम्मा को मैडल मिला है - मलंग ©
- मम्मा वो उस दिन सब हमारे घर पे क्यों आये थे ?
- पार्टी थी बेटा । वो तुम्हारे डैडी को मैडल मिला इसलिए ।
- मैडल मिलता तो पार्टी होती ?
- हां ( माँ मुस्कुरा कर बोली )
कुछ महीने बाद ***
गुप्ता जी के यहाँ आज बहुत भीड़ थी । मिसेज गुप्ता ने पिछले महीने एक सुन्दर से बच्चे को जन्म दिया । आज उसकी खुशी में दावत थी ... 5 साल का वसु भी बहुत खुश था चहक रहा था । दौड़ भाग मचाये था ... गुप्ता जी के दोस्त उसे पकड़ कर दुलराते हुए बोले - वसु बेटा आपके घर में आज क्या है ... वसु - पार्टी है .. मेरी मम्मा को मैडल मिला है - मलंग ©
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