अब तक समझने का प्रयास कर रहा कि तुम्हे क्या पसंद नहीं आया मैं ? मेरे प्रेम की स्वीकारोक्ति या स्वीकारोक्ति में दर्शायी तत्परता । कहते हैं ' प्रेम में वियोग सबसे अधिक पीड़ा देता है । ' पर मैं नहीं मानता विरह प्रेम का संकट काल नहीं हो सकता यह तो प्रेम में भक्तिकाल जैसा है , आपकी आस्था , प्रेम विश्वास को परखता है निखारता है और प्रगाढ़ करता है , हर पल आशा से ओतप्रोत रहता । सब कहते हैं आगे बढ़ो , क्यों जीवन किसी एक पर ख़त्म कर रहे हो । नहीं !! यही तो मेरे प्रेम की परीक्षा है । इससे भाग नहीं सकता । पर जानती हो सबसे ज्यादा क्या कचोटता है ? धीरे धीरे सब मुझसे दूर जा रहे है जीवन में जो प्रेम और सम्मान पाया वो भी दांव पर लगा है और तो और तुमने भी शब्दों का आदान प्रदान भी बंद कर दिया पर मैं बात करता हूँ ... हां ... ह्रदय में बसी तुम्हारी प्रतिमूर्ति से । तुम साथ नहीं हो मैं अकेला ही इस परीक्षा को दूंगा ... सफल असफल होने के लिए नहीं तुम्हे पाने खोने के लिए नहीं बल्कि अपने सत्य अपने प्रेम को साबित करने के लिए ..... ' ये सब वो इसलिए लिख सका क्योंकि उसका की बोर्ड वाटर प्रूफ था । जी हां XYZ कम्पनी का वाटर प्रूफ की बोर्ड । XYZ कम्प्युटर प्रोडक्ट्स आपके दुःख के साथी । - कौशल ©
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