काफी संघर्ष करने के बाद उसे स्थायी नौकरी नहीं मिली । वो प्रयास अब भी कर रहा था लेकिन अपने खर्चों के लिए उसने साधारण वेतन पर एक सामान्य से विद्यालय में प्रवक्ता बनने का निश्चय किया ।
- और सुना यार कैसा जा रहा तेरा टीचिंग एक्सपीरिएंस ?
- बढ़िया ... पर बच्चों को कुछ पता ही नहीं कोर्स के नाम पे पिछली क्लासों में - कुछ पढ़ाया ही नहीं गया उनको .. मैंने तो अतिरिक्त कक्षा के लिए कहा है नहीं तो कोर्स भी पूरा न हो पायेगा ।
- तुम क्या हो यार ? अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार रहे । कोर्स पूरा नहीं था तो उन्हें घर पे कोचिंग दे देते । बहुत फायदा होता ...
- अरे पर ...
- क्या अरे पर .. इस आदर्शवाद से पेट भी नहीं भरेगा । " तेरा कुछ नहीं हो सकता " .... - मलंग ©
- और सुना यार कैसा जा रहा तेरा टीचिंग एक्सपीरिएंस ?
- बढ़िया ... पर बच्चों को कुछ पता ही नहीं कोर्स के नाम पे पिछली क्लासों में - कुछ पढ़ाया ही नहीं गया उनको .. मैंने तो अतिरिक्त कक्षा के लिए कहा है नहीं तो कोर्स भी पूरा न हो पायेगा ।
- तुम क्या हो यार ? अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार रहे । कोर्स पूरा नहीं था तो उन्हें घर पे कोचिंग दे देते । बहुत फायदा होता ...
- अरे पर ...
- क्या अरे पर .. इस आदर्शवाद से पेट भी नहीं भरेगा । " तेरा कुछ नहीं हो सकता " .... - मलंग ©
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