Saturday, September 21, 2013

कालेज में सबसे अच्छा गाता था वो । खुश मिजाज , मिलनसार , सब पसंद करते थे उसको ... और शायद वो भी । पर अचानक न जाने क्या हुआ उसने बात करना बंद कर दिया । बहुत कोशिश की पर हर बार वो मुंह फेर लेती । आखिर एक दिन उसने कह दिया ' गाना पसंद था तुम्हारा इसका मतलब ये नहीं कि तुम्हे भी पसंद करूं , जाओ और अपनी आवाज फिर कभी मत सुनाना .... जीभ काट ली उसने ... अब घर पर ही रहता । पीछे वाला कमरा जो गली में खुलता उसके दरवाजे पर बैठा रहता अनजान सा ... पर 6 साल के चिंटू को देखकर न जाने क्यों मुस्कान आ जाती उसके चेहरे पर । महीने बीत गए ऐसे ही , फिर एक दिन दो बच्चे चिंटू से लड़ गए उसने झिड़क कर छुटाया तो एक का सर फूट गया .... अब चिंटू नहीं आता .. दरवाजे की जगह खिड़की लग गयी है... और खिड़की के नीचे कोई लिख गया है ' पागल से सावधान ' - कौशल त्रिपाठी ©

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