Wednesday, October 23, 2013

करवा चौथ का नाश हो सत्यानाश हो ... नारी किसी की गुलाम नहीं ... क्यों रहे किसी के लिए भूखा प्यासा ... भूखे रहने से भी किसी आयु बढ़ती है क्या और कैसे ? ....और सबसे बड़ी बात " भूखे रहने का प्रेम से क्या सम्बन्ध ? " ... 
ये सब पढ़कर उसके अंतर्मन में विचारों के बादल आज पूरे वेग से बरस रहे थे , लगा परम्परा आस्था प्रेम रूपी बस्ती को बहाने से आज कोई नहीं रोक सकता .. इस मूसलाधार बारिश से दुबक कर थक कर कब नींद लग गयी पता ही न चला .... और जब सपना टूटा नींद खुली तो पाया हामिद और अमीना जा चुके चुके थे । लेकिन तीन पैसे का चिमटा और अमीना के प्रेमाश्रु छोड़ गए थे .... न जाने क्यों आज वो गोवर्धन थामे कृष्ण जैसे लग रहे थे । © 

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