रिलीविंग लेटर लिए हुए ज्वाईनिंग लेटर की प्राप्त करने के लिए लगी शांत स्वरूपों की लाइन में वो एक मात्र उदास स्वरूप था .. पंक्ति में सबसे आगे लगा एक स्वरूप बार बार मुड़ कर उसे देख रहा था ... काफी देर हो गयी उससे न रहा गया .. अपना स्थान छोड़ कर वो उस उदास स्वरूप के पास आया और पूंछ बैठा क्या हुआ तुम उदास क्यों हो ? ... उदास स्वरूप बोला - मैंने हत्या की है .. एक हल्की सी मुस्कान लिए वो शांत स्वरूप बोला - हम आत्माओं को यहाँ आने के बाद किस योनि में रहे क्या कर्म किये याद नहीं रहता और फिर यदि याद भी रहे तो कर्म शरीर करता फिर हत्या को सोचकर तुम क्यों उदास हो .. ये सुनना था कि पंक्ति टूट गयी सारी आत्माएं ये सोच कर विचलित थी कि इसे अपने कर्म कैसे याद हैं और यदि याद भी हैं तो उदास क्यों हैं ? सब उससे इसका कारण जानने को उत्सुक थे । आखिर ' मैं इसलिए उदास हूँ क्योंकि मैं अब तक समझ नही पाया क्यों मेंरे शरीर ने उस दूसरे शरीर हत्या करने से पहले अपनी मुझ आत्मा को मार डाला था ' - गोडसे की वो आत्मा बोली । ©
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