Thursday, January 16, 2014

महापुरुष

बड़ा भव्य पंडाल सजा था , सैकड़ों की संख्या में कैमरे तैय्यार थे , और हजारों की भीड़ थी जो बड़ी मुश्किल से काबू हो रही थी ..  देश का ' यूथ आईकन ' , ' स्पोर्ट्स परसन आफ द डेकेड  '  निशुल्क शिक्षा अभियान के ' ब्रांड एम्बेसडर ' के रूप में जो आ रहा था । रात ही आई स्पेशल नए रंगों की यूनिफार्म में बच्चों को घुसेड़ कर सुबह से ही बैठा दिया था । अपने कार्यक्रम अनुसार निर्धारित समय से 3 घंटे विलम्ब से आने के बाद ' महापुरुष बस्ते किताबें बाँटते हुए मुस्कुराते हुए फोटो खिचाने लगे , अचानक ... ' ले लो बेटा तुमने हाथ क्यों पीछे कर लिए ? ' ...... ' हम नही लेंदे ' - बच्चा बोला ... बालपन की अक्खड़ता समझकर महापुरुष ने हंसते हुए फिर पूंछा - क्यों ? ...' आप थराब बेचते हो हमने तीबी में देथा  , थराब पीकर पापा मम्मा को मालते हैं ' .... महापुरुष के सफ़ेद पड़ चुके चेहरे को 'Oh Such a sweet & Naughty kid ' के रूप में हंसी का लबादा ओढ़ने से आज पहले सबने देख लिया था .... ©

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