ज्वाईनिंग लेटर लेने के लिए रोज की तरह आफिस में शांतिपूर्ण भीड़ लगी थी । इस में आफिस में सब अपने मन चाहे शरीर के लिए आवेदन करते और साहब उनको उनके कर्मो के हिसाब से ही अगला जन्म आवंटित करते थे । आज इंसान के रिक्त पदों की संख्या कम थी इसलिए मनुहार गुहार भी चलन में थी , इसी क्रम में ' सर मैं पिछले जन्म में बाघ था और मुझे बहुत बुरी तरह गोलियों से छलनी कर लाठी डंडो से पीट कर , जिन्दा भून दिया गया था मैंने बहुत कष्ट सहे इसलिए मुझे इंसान बनाया जाए । ' एक आत्मा ने निवेदन किया । साहब ने उसकी फाईल देखना शुरू ही किया था तभी पीछे से दूसरी आत्मा बोली ' सर इसे नहीं इंसान मुझे बनाईये क्योंकि मेरे साहस और युक्ति के बल पर ही ये मारा जा सका था और लोगों को इसके आतंक से मुक्ति मिली , ये इंसान बनने का हकदार नहीं ये तो आदमखोर था । ' अब साहब मुश्किल में पड़ गए थे क्योंकि पहली आत्मा ने सवाल किया था ' सिर्फ आदमखोर होना अपराध होता क्या सर ? फिर भूख मिटाने के लिए आदमी क्यों ' हलाल ' किया करता है ? ' - ब्रह्म राक्षस ©
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