बिना मडगार्ड बिना पैडल की साइकिल के डंडे पर बैठी नन्ही सी जान आज बहुत खुश थी ... प्लास्टिक का बैट बाल जिसकी चाहत ने उसे पिछले महीनों में कई बार उसे पिटवाया, रुलाया था आज पूरी हो गयी थी .. बाप - बेटे चहकते बतियाते जा रहे थे लेकिन फिर अचानक बाप चुप हो गया .. मासूम ने बस इतना ही पूछा था ' बापू तू रोज गुलाब क्यों नही बेंचे ? ' " - ब्रह्म राक्षस ©
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